Tuesday, November 29, 2016

All his poem by Virendra Bharti

June 18 2016

Someone is crazy behind work,
Someone is crazy behind name,
In today's world everyone is crazy.
All have forgotten him,
Which are all permit.
Someone is predator ,
Then someone is seraph .
But all that would thrive in him shelter .
That God all Gardner ,
All caretaker .


By mad writer virendra bharti
Mobile number 8561887634



Tuesday, November 22, 2016

I am a funny boy

Mad writer virendra bharti
8561887634

I am a funny boy.
I like to enjoy.
I not have a tension.
So I live always happy.
It is my hobby.
I live happy.

I live happy.
I wanna all live happy.
All live happy,
 nothing live sad.
Nothing person fight to each other.
&
They all live with love.
I wanna it.
They don't missing every second
without enjoy.
I salute to my nation.
My nation is India.
India is my loving country.
I am very happy.
Because
I arrive in India.
India is good country.
But something is bad.

But something is bad.
As a politics,
I don't like politics,
So I am a funny boy.
I am a good boy.

By mad writer virendra bharti
8561887634


Monday, November 21, 2016

राजनीति

लेखक विरेन्द्र भारती
23/6/13

 आज की राजनीति ने हमारे देश को बहुत भ्रष्ट बना दिया है। आज राजनीति में लोग अपना फायदा देखते है। वह देश को नोच कर खा रहे है। वह काला धन जमा कर टैक्स की चोरी कर देश की भलाई मैं बाधक बन रहे है। आज बड़े - बड़े राजनेता सत्ता हासिल करने के लिए  कई दांव - पैच खेल रहे है । आपस में एक दुसरे पर टिप्पणियाँ कर रहे है ।

Desire/ इच्छा

लेखक विरेन्द्र भारती
 19 June 2013

राजेश एक बहुत ही होनहार लड़का था। उसके पिताजी चाहते थे कि वह पढ़ लिख कर इन्जिनियर बने । इसीलिए उन्होंने उसे 11 वीं  12 वीं   में साइंस मैथ दिला दी । और साथ मैं यह भी कहा की तु ज्यादा नहीं तो डिग्री प्राप्त कर लें । तुझे नौकरी में दिला दूंगा वह गांव से इन्जिनियर की पढ़ाई करने जयपुर शहर में भेज दिया । वह  उसे पर महिने का खर्चा 3200 रूपए भी भेजते थे । पर राजेश का मन पढाई में नहीं लगता था। वह खुब पैसा व नाम दोनों कमाना चाहता था। वह चाहता था की लोग  उसे जाने । वह हर ऐशो-आराम पाना चाहता था; जिसके लिए वह बहुत पैसा कमाना चाहता था। वह खुद का एक व्यवसाय करना चाहता था।

Monday, November 14, 2016

An indian girl by virendra bharti

08/06/2016
I meet with a beautiful Indian girl,
She was looking so nice.
Her face was so attractive,
She was wearing a glass,
Who was increasing her beauti.

But

Her heaRt was more beautiful than her face.
I meet with her during my college life.
When
I passed some time with her,
I found, she was closest at my heart.
I always remember to her for her good nature.

As I meet to her,
As many person meet each other,
Who puts a sign on our heart.

Who always become memorable in our life.
As some person gives us inspiration,
for doing something in our life.
I am thankful to that.
I always miss her in my life every second.

So I am nostalgic in SHEETAL'S memory
Vs
Virendra bharti
8561887634

Sunday, November 13, 2016

घरौंदो में बचपन विरेन्द्र भारती

मैंने देखा है, खेतौ में उन लहलहाती फसलो को।
मगर मैंने देखा है, घरौंदो में पलते बच्चो को ।।

क्या है जिंदगी,  वो नहीं जानते।
जिंदगी को अपना,  वो नहीं मानते ।।

दो वक्त की रोटी, बड़ी मुश्किल से नसीब होती है जिनको ।
बिस्तरों का सुख क्या होता है, वो नहीं जानते ।।

नंगे पाँव रहते है जो, कंकरो की चुभन को नहीं जानते ।।

अक्सर देखता हुँ, उनको में मुस्कुराते ।
शिकस्त को देखा ना कभी, उनके चेहरे पे आते ।।

अक्सर देखा है मैंने, उनको दुसरो के आगे हाथ फैलाते ।
फैलाकर हाथ वो, अपना पेट है पालते ।।

क्या होती है लाज शर्म, वो नही जानते ।
पापी पेट का सवाल है, बस इतना ही मानते ।।

भारती कोई जौहरी नहीं,  जो सवार सके सबका जीवन ।
मगर संवारेगा, कुछ का बचपन ।।

 Mad writer virendra bharti
8561887634


Wednesday, November 2, 2016

मेरी उपलब्धि विरेन्द्र भारती

हर वक्त का हिसाब रखता हूँ,
उसकी जुदाई की किताब रखता हूँ।
जब भी सोचता हूँ; मै अपनी उपलब्धि के बारे मैं,
तो मैं खुद को बर्बाद दिखता हूँ ।।
Mad writer virendra bharti 
8561887634

मेरी कमजोरी विरेन्द्र भारती

मेरी कमजोरी तु है,
लेकिन मैं अपनी इस कमजोरी को ।
दुनिया को अपना हथियार नही बनाने दूँगा ।।

नशा दीवानगी का विरेन्द्र भारती